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संविधान केवल शासन का ढांचा नहीं, राष्ट्र की आत्मा है: लोकसभा अध्यक्ष

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संविधान को राष्ट्र की आत्मा करार दिया है और कहा है कि यह महज शासन के लिए एक ढांचा मात्र नहीं है। उन्होंने संविधान के प्रति गहरी आस्था और उसके महत्व पर जोर दिया।

LSN India · 2 November 2026

संविधान केवल शासन का ढांचा नहीं, राष्ट्र की आत्मा है: लोकसभा अध्यक्ष

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भारतीय संविधान के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा है कि यह केवल राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था का एक दस्तावेज नहीं है। उनके अनुसार, संविधान भारतीय राष्ट्र की पहचान और मूल्यबोध का प्रतीक है।

बिरला ने संविधान को समझने की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि संविधान भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों, समानता, न्याय और सामाजिक कल्याण के सिद्धांतों का संरक्षक है। संविधान के माध्यम से ही भारत अपनी विविधता में एकता को बनाए रखता है।

लोकसभा अध्यक्ष की यह टिप्पणी भारतीय लोकतांत्रिक संस्थाओं के कामकाज और संवैधानिक मूल्यों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने संविधान के प्रति सम्मान और उसके सिद्धांतों का पालन करने की अपील की है।

भारतीय संविधान को 26 जनवरी 1950 को अपनाया गया था और यह विश्व का सबसे विस्तृत लिखित संविधान माना जाता है। राष्ट्र के विकास और शासन में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।