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राजनीतिक एकीकरण से क्षेत्रों का मिलन, संवैधानिक लोकतंत्र से नागरिकों का जुड़ाव: उपराष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि महात्मा गांधी और सुभाष चंद्र बोस की स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका रही, जबकि सरदार पटेल ने रियासतों को भारत में मिलाने का कार्य किया।
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उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने राजनीतिक एकीकरण और संवैधानिक लोकतंत्र को राष्ट्र निर्माण की दो महत्वपूर्ण शक्तियों के रूप में रेखांकित किया है। उन्होंने कहा कि जहां राजनीतिक एकीकरण विभिन्न क्षेत्रों को एक सूत्र में बांधता है, वहीं संवैधानिक लोकतंत्र नागरिकों को आपस में जोड़ता है।
अपने संबोधन में राधाकृष्णन ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेताओं की भूमिका को स्वीकार किया। उन्होंने महात्मा गांधी और सुभाष चंद्र बोस के अवदान को स्वतंत्रता आंदोलन में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। दोनों नेताओं ने विभिन्न तरीकों से भारत को ब्रिटिश शासन से मुक्त कराने के लिए कार्य किया था।
उपराष्ट्रपति ने सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पटेल ने स्वतंत्र भारत के निर्माण में सैकड़ों रियासतों को भारत संघ में मिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया था। यह कार्य राजनीतिक एकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पग था जिसने आधुनिक भारत की नींव को मजबूत किया।
राधाकृष्णन का यह विचार राष्ट्रीय एकता और संवैधानिक ढांचे के महत्व को रेखांकित करता है, जो भारत की विविधता को एक समन्वित राष्ट्र में परिणत करता है।