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पल्लिकरणाई आर्द्रभूमि पर निर्माण से पारिस्थितिकी तंत्र को खतरा: सौम्या
पल्लिकरणाई आर्द्रभूमि पर निर्माण कार्य से संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र नष्ट हो जाएगा। सौम्या अनुमानी ने मछलियों, पेड़ों और जलीय पौधों को होने वाले नुकसान के प्रति चिंता व्यक्त की।
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पल्लिकरणाई आर्द्रभूमि पर प्रस्तावित निर्माण परियोजना को लेकर पर्यावरण कार्यकर्ता सौम्या अनुमानी ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में चल रहा निर्माण कार्य स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए विनाशकारी साबित होगा।
संवाददाताओं से बात करते हुए सौम्या ने स्पष्ट किया कि पल्लिकरणाई में पाई जाने वाली मछलियों, विभिन्न प्रजातियों के पेड़ों और जलीय पौधों की संपूर्ण श्रृंखला इस परियोजना से प्रभावित होगी। आर्द्रभूमि के इस अद्वितीय पारिस्थितिकी तंत्र का विनाश क्षेत्र के जैव विविधता को गंभीर नुकसान पहुंचाएगा।
पल्लिकरणाई जलभूमि दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी स्थलों में से एक है, जहां विभिन्न जलचर प्रजातियां निवास करती हैं। इस क्षेत्र की जलीय वनस्पति और मत्स्य पालन स्थानीय समुदाय की आजीविका का आधार रहा है।
सौम्या अनुमानी का मत है कि विकास की योजनाएं पर्यावरणीय संरक्षण को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए। आर्द्रभूमि जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में निर्माण से पहले व्यापक पर्यावरणीय प्रभाव आकलन अपरिहार्य है।