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केरल में कुएं के पानी से अमीबा संक्रमण का खतरा: आईसीएमआर अध्ययन
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के एक अध्ययन में पहली बार वैज्ञानिक प्रमाण मिला है कि केरल में कुओं का पानी अमीबिक मेनिनजोएनसेफलाइटिस का प्रमुख जोखिम कारक है। राज्य की एक बड़ी आबादी नहाने और घरेलू कामों के लिए इसी जल पर निर्भर है।
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केरल में एक व्यापक केस-कंट्रोल अध्ययन से पता चला है कि कुओं का पानी अमीबिक मेनिनजोएनसेफलाइटिस नामक घातक संक्रमण का एक प्रमुख कारण है। यह संक्रमण पानी में पाए जाने वाले खतरनाक अमीबा के कारण होता है जो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करता है।
आईसीएमआर के इस अध्ययन ने पहली बार केरल में कुओं के पानी की गुणवत्ता से संबंधित वैज्ञानिक प्रमाण प्रस्तुत किए हैं। शोध दल ने पाया कि राज्य की जनसंख्या का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अभी भी नहाने और अन्य घरेलू कामों के लिए कुएं के पानी पर निर्भर करता है।
यह अध्ययन जल-जनित रोगों के प्रति बढ़ती चिंता को दर्शाता है, विशेषकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में जहां कुआं पानी का मुख्य स्रोत है। विशेषज्ञ पानी की नियमित जांच और उचित शोधन प्रणालियों की व्यवस्था की सलाह दे रहे हैं।
इस खोज के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों को जनता को जल सुरक्षा के बारे में जागरूक करने और कुओं के पानी की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने की जरूरत है।