Business · India Bureau
प्रेमिका पर खर्च किए 35 करोड़ रुपये, मुकदमे में हारे CEO
भारतीय मूल के एक CEO को अपनी पूर्व प्रेमिका के खिलाफ मुकदमे में हार का सामना करना पड़ा। वह संबंध विच्छेद के बाद खर्च किए गए लगभग 370,000 डॉलर (करीब 35 करोड़ रुपये) को कर्ज मानकर वापसी की मांग कर रहे थे।
LSN India ·
एक भारतीय मूल के व्यावसायिक नेता को न्यायालय ने अपनी पूर्व प्रेमिका के विरुद्ध दायर मुकदमे में खारिज कर दिया है। CEO ने दावा किया था कि उन्होंने संबंध के दौरान महिला को दिया गया धन वास्तव में कर्ज था और संबंध विच्छेद के बाद वह राशि वापस मांग रहे थे।
मामले के अनुसार, CEO ने लगभग 370,000 डॉलर (भारतीय मुद्रा में करीब 35 करोड़ रुपये) की राशि अपनी प्रेमिका पर खर्च की थी। रिश्ता टूटने के पश्चात् उन्होंने यह दावा करते हुए कानूनी कार्रवाई की कि यह धन कर्ज के रूप में दिया गया था।
न्यायालय ने CEO के तर्कों को खारिज कर दिया है। न्यायिक निर्णय में माना गया कि संबंध की अवधि में किए गए खर्चों को बाद में कर्ज के रूप में वापसी के लिए मांगना विधिक आधार पर ग्रहणीय नहीं है।
यह मामला प्रेम संबंध में वित्तीय लेनदेन से संबंधित विवादास्पद मुद्दों पर प्रकाश डालता है। विधिक विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में न्यायालय सामान्यतः संबंध की अवधि में स्वेच्छा से किए गए व्यय को कर्ज मानने में संकोच करते हैं।