Politics · India Bureau
आरएसएस मानहानि मामले में सेशन कोर्ट ने प्रियंक खर्गे और नलपद के विरुद्ध कार्यवाही स्थगित की
कर्नाटक के सत्र न्यायालय ने कांग्रेस नेता प्रियंक खर्गे और भाजपा नेता नलपद के विरुद्ध चलाई जा रही मानहानि मामले की कार्यवाही को स्थगित कर दिया है। न्यायालय ने माना कि शिकायतकर्ता ने अपनी आरएसएस सदस्यता स्थापित करने के लिए कोई ठोस सामग्री प्रस्तुत नहीं की है।
LSN India ·

बेंगलुरु के सत्र न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कांग्रेस नेता प्रियंक खर्गे और भाजपा के नेता नलपद के विरुद्ध दर्ज मानहानि के मामले में आगे की कार्यवाही को स्थगित कर दिया है। न्यायालय के आदेश में कहा गया है कि मामले में शिकायतकर्ता को अपने दावों को सिद्ध करने के लिए आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करने हैं।
शिकायतकर्ता द्वारा यह दावा किया गया था कि प्रियंक खर्गे और नलपद ने उनके विरुद्ध अपमानजनक बयान दिए हैं और उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का सदस्य बताया है। हालांकि, न्यायालय के समक्ष यह तर्क रखा गया कि शिकायतकर्ता के पास यह साबित करने के लिए कोई ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य नहीं है कि वह वास्तव में आरएसएस का सदस्य है।
न्यायालय की टिप्पणी के अनुसार, किसी भी मानहानि के मामले को आगे बढ़ाने से पहले शिकायतकर्ता को अपनी बुनियादी दावेदारी को प्रमाणित करना आवश्यक है। इस कारण न्यायालय ने निर्णय लिया कि जब तक शिकायतकर्ता अपनी आरएसएस सदस्यता के संबंध में पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करता, तब तक मामले की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ाई जा सकती। यह फैसला राजनीतिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण विकास माना जा रहा है क्योंकि इसमें राजनीतिक आरोपों के संबंध में न्यायिक दृष्टिकोण को दर्शाया गया है।