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कोविड-19 ने तोड़े विवाह: मद्रास हाईकोर्ट के न्यायाधीश
मद्रास हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एन. आनंद वेंकटेश ने कहा है कि महामारी के दौरान विवाह विच्छेद के मामलों में चिंताजनक वृद्धि हुई है। उन्होंने 2020-2022 के बीच दर्ज विवाहविच्छेद मामलों का विश्लेषण करने और उनके समाधान के लिए नए तरीके खोजने की मांग की है।
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मद्रास हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एन. आनंद वेंकटेश ने कहा है कि कोविड-19 महामारी से भारतीय समाज में विवाह विच्छेद की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। लॉकडाउन की अवधि में पति-पत्नी के बीच बढ़े तनाव और दूरी के कारण पारिवारिक संबंधों में गिरावट आई।
न्यायाधीश ने महामारी के दौरान दर्ज किए गए विवाहविच्छेद संबंधी विवादों से जुड़ा विस्तृत डेटा एकत्र करने पर जोर दिया है। उनके मुताबिक 2020 से 2022 के दौरान न्यायालयों में आए मामलों के सूचना आधार से समस्या की वास्तविक गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
न्यायमूर्ति ने इस सामाजिक संकट से निपटने के लिए पारंपरिक कानूनी प्रक्रिया से परे नवीन और प्रभावी समाधान खोजने का सुझाव दिया है। उनका मानना है कि विवाह विच्छेद की बढ़ती घटनाओं को केवल अदालती निर्णयों से नहीं बल्कि समग्र सामाजिक हस्तक्षेप से ही रोका जा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार महामारी के दौरान घर में रहने के समय, आर्थिक संकट और मानसिक दबाव के कारण वैवाहिक संबंधों में तनाव बढ़ा। न्यायाधीश की टिप्पणी इस ओर ध्यान आकर्षित करती है कि कोविड-19 के सामाजिक और पारिवारिक प्रभावों का व्यापक अध्ययन आवश्यक है।