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श्री कृष्ण जन्माष्टमी जुलूस आरएसएस की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा: सीपीएम
केरल में कम्युनिस्ट नेता जयराजन ने कहा कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी समारोह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा राज्य में अपना राजनीतिक आधार मजबूत करने के लिए शुरू किए गए थे। सीपीएम नेता का आरोप है कि यह परंपरागत त्योहार को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
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केरल की राजनीति में नए विवाद का केंद्र बिंदु श्री कृष्ण जन्माष्टमी से संबंधित जुलूस निकल आया है। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के प्रमुख नेता जयराजन ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस धार्मिक समारोह को अपनी राजनीतिक परियोजना का माध्यम बना रहा है।
जयराजन के अनुसार, श्री कृष्ण जन्माष्टमी के जुलूस केरल में आरएसएस द्वारा अपनी राजनीतिक उपस्थिति को व्यापक बनाने की एक सुचिंतित रणनीति का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि इन समारोहों को परिवारों के बीच एक राजनीतिक आधार तैयार करने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया था। सीपीएम नेता का मानना है कि यह पारंपरिक धार्मिक आयोजनों को संगठन के हितों के लिए उपयोग करने का प्रयास है।
केरल में धर्म और राजनीति का मिश्रण लंबे समय से विवादास्पद रहा है। विभिन्न राजनीतिक दल धार्मिक आयोजनों को अपने राजनीतिक हित के लिए उपयोग करने का आरोप एक-दूसरे पर लगाते रहे हैं। जयराजन की टिप्पणी इसी परंपरागत राजनीतिक विवाद के अनुरूप है।
सीपीएम नेता का यह बयान केरल की जटिल राजनीतिक गतिविधियों को रेखांकित करता है, जहां धार्मिक और राजनीतिक विचारधाराएं आपस में जुड़ी हुई हैं। राज्य में आरएसएस की बढ़ती गतिविधियों को लेकर वामपंथी दलों की चिंता लगातार बढ़ रही है।