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कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है: विश्लेषण
मिराए एसेट शेयरखान के विश्लेषकों का मानना है कि हालिया घटनाक्रम के कारण वैश्विक तेल भंडार में कमी आएगी, जिससे कच्चे तेल की कीमतें पूर्वानुमान से काफी अधिक रहेंगी।
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कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव के बीच विश्लेषकों का अनुमान है कि वैश्विक बाजारों में तेल के औसत मूल्य पहले की जानकारी से कहीं अधिक ऊंचाई पर रह सकते हैं। मिराए एसेट शेयरखान की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, चल रही भू-राजनीतिक स्थितियों और उत्पादन में आई रुकावटों के कारण विश्व बाजार में तेल के भंडार में उल्लेखनीय कमी आने वाली है।
विश्लेषकों के अनुसार, यदि वैश्विक तेल भंडार में तेजी से गिरावट आती है, तो कच्चे तेल की कीमत प्रति बैरल 120 डॉलर के स्तर तक पहुंच सकती है। इस परिदृश्य में, पूर्वानुमानित कीमतें मौजूदा स्तर से काफी अधिक होंगी, जो निवेशकों और ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।
तेल की कीमतों में यह संभावित वृद्धि आयात पर निर्भर देशों, विशेषकर भारत जैसी अर्थव्यवस्थाओं के लिए चिंता का विषय बन सकती है। कच्चे तेल की महंगाई से ईंधन और परिवहन लागत बढ़ने का असर महंगाई दर पर भी पड़ सकता है।