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तेल की कीमतों में भारी गिरावट, भारत के आयात बिल में राहत की उम्मीद
ब्रेंट क्रूड की कीमत अक्टूबर के अंत से 16 प्रतिशत तक गिरी है, जिससे भारत के तेल आयात लागत में कमी आ सकती है। अमेरिका-ईरान तनाव में कमी की संभावनाओं के कारण कीमतें नरम पड़ी हैं।
LSN India ·

अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में इस सप्ताह भारी गिरावट देखी जा रही है, जिससे भारत जैसे आयातक देशों को कुछ राहत मिल सकती है। ब्रेंट क्रूड की कीमत अक्टूबर के अंतिम सप्ताह के शिखर से 16 प्रतिशत तक गिरी है, जो सप्ताह की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है।
तेल की कीमतों में इस मंदी का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में कमी की बढ़ती संभावनाएं हैं। भू-राजनीतिक जोखिमों में कमी आने से कच्चे तेल की मांग में स्थिरता के संकेत मिल रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रवृत्ति आने वाले सप्ताहों में जारी रह सकती है।
भारत के लिए तेल की कीमतों में गिरावट काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि देश की विदेशी मुद्रा खर्च का एक बड़ा हिस्सा तेल आयात में लगता है। सरकारी तेल कंपनियों पर भी तेल की ऊंची कीमतों का दबाव रहा है, जिसमें इस गिरावट से कुछ राहत मिलने की आशा है।
ऊर्जा विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले हफ्तों में अगर यह गिरावट जारी रहती है तो भारत के आयात बिल में उल्लेखनीय कमी देखी जा सकती है, जिससे महंगाई पर नियंत्रण में भी मदद मिल सकती है।