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2026 में कच्चे तेल में 85% उछाल वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरा
सऊदी अरामको के शैबाह तेल क्षेत्र पर ड्रोन हमले के बाद ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 113 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है। विश्लेषकों को आशंका है कि कीमत 120 डॉलर तक जा सकती है।
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कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से वृद्धि वैश्विक बाजारों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। सऊदी अरामको के महत्वपूर्ण शैबाह तेल उत्पादन क्षेत्र पर हुए ड्रोन हमले के बाद ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 113 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई है। मिराए एसेट शेयरखान के विश्लेषक मोहम्मद इमरान के अनुसार यह वृद्धि सीमित नहीं है और आने वाले समय में कीमत और भी बढ़ सकती है।
2026 में कच्चे तेल की कीमत में 85 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति में व्यवधान के कारण तेल की कीमतें नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही हैं। वैश्विक आपूर्ति शृंखला में यह अस्थिरता विभिन्न क्षेत्रों में मुद्रास्फीति को बढ़ा सकती है।
विश्लेषकों का अनुमान है कि ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है यदि क्षेत्र में किसी अन्य प्रमुख संकट का सामना करना पड़े। पेट्रोलियम पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं को विशेष रूप से इस मूल्य वृद्धि का दबाव झेलना पड़ सकता है। ऊर्जा लागत में यह बढ़ोतरी परिवहन, विद्युत और उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि की ओर ले जा सकती है।