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पर्यटन विकास के लिए तकनीक, जनशक्ति और संस्कृति जरूरी: शेखावत
संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि आर्थिक नीति में सांस्कृतिक पूंजी को तकनीक और मानव संसाधन के साथ समान महत्व दिया जाना चाहिए। उनके विचार से पर्यटन क्षेत्र के विकास में ये तीनों स्तंभ महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का मानना है कि भारत के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रौद्योगिकी, मानव संसाधन और सांस्कृतिक विरासत का संतुलित उपयोग आवश्यक है। उन्होंने देश की आर्थिक नीति में सांस्कृतिक पूंजी को अधिक महत्वपूर्ण स्थान दिए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
शेखावत के अनुसार, भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपरा को आधुनिक तकनीकी साधनों के माध्यम से वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाया जा सकता है। इससे न केवल पर्यटन उद्योग को बल मिलता है, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए आर्थिक अवसर भी सृजित होते हैं।
मंत्री का विचार है कि सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को राष्ट्रीय विकास रणनीति का केंद्रीय अंग बनाया जाना चाहिए। इसके लिए कुशल जनशक्ति का विकास, डिजिटल बुनियादी ढांचे में निवेश और सांस्कृतिक संरक्षण को एकसाथ आगे बढ़ाना होगा। ऐसा दृष्टिकोण न केवल पर्यटन को प्रोत्साहित करता है, बल्कि देश की आर्थिक वृद्धि को भी गति देता है।