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साइबर बीमा क्लेमों में तेज उछाल, प्रीमियम दरें रहीं स्थिर
रैनसमवेयर हमलों और डेटा ब्रीच की बढ़ती घटनाओं ने बैंकिंग क्षेत्र में साइबर बीमा क्लेमों को 150 करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंचा दिया है। इसके बावजूद, पुनर्बीमा क्षमता में वृद्धि से प्रीमियम दरें नरम बनी हुई हैं।
LSN India ·

भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में साइबर सुरक्षा खतरों से जुड़े बीमा क्लेमों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। रैनसमवेयर हमलों, डेटा ब्रीच और अन्य साइबर धमकियों के कारण साइबर बीमा क्लेमों का आंकड़ा 150 करोड़ रुपये के पार चला गया है।
डिजिटल लेनदेन में तेजी और बैंकिंग सेवाओं के ऑनलाइन विस्तार के साथ-साथ साइबर हमलों की घटनाओं में भी वृद्धि हुई है। वित्तीय संस्थानों की संवेदनशील डेटा पर निर्भरता ने साइबर जोखिमों को और भी गंभीर बना दिया है, जिससे बीमा क्षेत्र में इस सेगमेंट की मांग बढ़ी है।
हालांकि क्लेमों में वृद्धि हुई है, लेकिन बीमा उद्योग में पुनर्बीमा क्षमता में पर्याप्त विस्तार हुआ है। इस बढ़ी हुई क्षमता के कारण बीमाकर्ताओं को दबाव झेलना नहीं पड़ रहा है और प्रीमियम दरें वर्तमान में नरम बनी हुई हैं। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में साइबर बीमा बाजार में और भी प्रतिस्पर्धा की संभावना है।
बैंकिंग नियामकों और बीमा कंपनियों ने साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि वित्तीय संस्थानों को अपनी आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ व्यापक साइबर बीमा कवरेज लेना चाहिए।