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गणेश विसर्जन के फूलों को साइबराबाद में नया जीवन मिल रहा है
हैदराबाद के साइबराबाद क्षेत्र में गणेश चतुर्थी के दौरान विसर्जन के बाद फेंके जाने वाले फूलों को पुनर्चक्रित किया जा रहा है। इस पहल से न केवल पर्यावरण संरक्षण हो रहा है बल्कि स्थानीय समुदाय को आर्थिक लाभ भी मिल रहा है।
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साइबराबाद के विभिन्न इलाकों में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद बड़ी मात्रा में फूल, माला और पत्तियां एकत्रित होती हैं। परंपरागत रूप से ये जैव-अपशिष्ट पदार्थ बस फेंक दिए जाते रहे हैं, लेकिन अब स्थानीय संगठन इन्हें जैव-खाद और अन्य उपयोगी उत्पादों में बदल रहे हैं।
यह पहल न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद साबित हो रही है बल्कि स्थानीय किसानों और महिला समूहों को भी आजीविका का साधन प्रदान कर रही है। एकत्रित फूलों और पत्तियों को कंपोस्ट बनाने के लिए प्रसंस्कृत किया जाता है, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है।
इस पुनर्चक्रण प्रक्रिया से साइबराबाद के नालों और जल निकायों में होने वाले प्रदूषण में भी कमी आई है। धार्मिक परंपराओं को बनाए रखते हुए पर्यावरण सुरक्षा का यह मॉडल अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणादायक बन सकता है।
वर्तमान में इस प्रयास में स्थानीय प्रशासन, स्वयंसेवी संगठन और सामुदायिक समूह सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। प्रत्येक त्योहार के मौसम में इस पहल को और व्यापक बनाने की योजना बनाई जा रही है।