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आंध्र प्रदेश में मानसून की विनाशलीला: सूखे के बाद बाढ़, 17 की मौत
आंध्र प्रदेश में लगातार दो चक्रवातों ने तबाही मचाई है। राज्य में कृषि क्षेत्र को 6,500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और गोदावरी पेटी के किसानों को कम से कम दो साल के लिए पुनर्निर्माण का सामना करना पड़ रहा है।
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आंध्र प्रदेश में मानसून का मौसम चरम घटनाओं का गवाह बना है। राज्य सूखे की स्थिति से सीधे विनाशकारी बाढ़ की चपेट में आ गया, जब लगातार दो चक्रवाती तूफानों ने राज्य को झकझोर दिया। इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 17 लोगों की जान जा चुकी है।
चक्रवातों के कारण आंध्र प्रदेश के कृषि क्षेत्र को व्यापक नुकसान हुआ है। फसलें बर्बाद हो गईं और नारियल के पेड़ों सहित बड़े पैमाने पर वनस्पति उजड़ गई। प्रारंभिक आकलन में राज्य को लगभग 6,500 करोड़ रुपये का नुकसान का सामना करना पड़ा है।
गोदावरी नदी की पेटी में स्थित कृषि क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। इस क्षेत्र के किसानों को सामान्य स्थिति में लौटने के लिए कम से कम दो वर्षों की अवधि की आवश्यकता होगी। भूमि की उर्वरता को पुनः स्थापित करने और नई फसल लगाने में काफी समय लगेगा।
यह घटनाक्रम दक्षिण भारत में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को रेखांकित करता है, जहां मानसून की अप्रत्याशित प्रकृति कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर चुनौतियां पैदा कर रही है। राहत और पुनर्निर्माण के प्रयास पूरे जोर पर हैं।