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बिहार के दरभंगा में तालाबों को बचाने के लिए नागरिकों की कानूनी लड़ाई

दरभंगा को 'तालाबों का शहर' कहा जाता है, लेकिन यहां के निवासियों को इन जल निकायों को बचाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा है। एक नागरिक समूह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है जिसमें सौंदर्यीकरण की जगह तालाबों की बहाली और पुनः दावेदारी की मांग की गई है।

LSN India · 28 August 2026

बिहार के दरभंगा में तालाबों को बचाने के लिए नागरिकों की कानूनी लड़ाई

बिहार के दरभंगा जिले के निवासियों ने अपने शहर के ऐतिहासिक तालाबों को संरक्षित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। एक सक्रिय नागरिक समूह ने कानूनी याचिका के माध्यम से इन जल निकायों की बहाली की मांग उठाई है, जो दशकों से उपेक्षा और विकास दबाव का सामना कर रहे हैं।

दरभंगा ऐतिहासिक रूप से बड़ी संख्या में तालाबों के लिए प्रसिद्ध रहा है, जिन्होंने स्थानीय जल आपूर्ति को बनाए रखने और कृषि का समर्थन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि, शहरीकरण और प्रशासनिक उपेक्षा के कारण इन तालाबों की गुणवत्ता में गिरावट आई है। नागरिक समूह का तर्क है कि केवल सौंदर्यीकरण परियोजनाएं इन जल निकायों की मूल समस्याओं का समाधान नहीं कर सकतीं।

याचिका में तालाबों की पूर्ण बहाली, गहराई में सुधार और पुनः दावेदारी की प्रक्रिया को प्राथमिकता देने की अपील की गई है। यह कदम न केवल शहर की जल सुरक्षा को मजबूत करेगा बल्कि स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी संरक्षित रखेगा।

अदालती कार्यवाही दरभंगा जैसे पारंपरिक जल निकायों वाले शहरों में पर्यावरण संरक्षण की चुनौतियों को रेखांकित करती है, जहां विकास और संरक्षण के बीच संतुलन बिठाना अत्यंत महत्वपूर्ण है।