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डेटा सेंटर, इस्पात और परमाणु ऊर्जा में निजी निवेश की तेजी
अप्रैल 2024 से सितंबर 2026 के बीच घोषित करीब 6,850 परियोजनाओं के विश्लेषण से पता चलता है कि डेटा सेंटर को सर्वाधिक निवेश आकर्षित कर रहे हैं। इस्पात और परमाणु ऊर्जा क्षेत्र भी निजी पूंजी के लिए प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं।
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अर्थव्यवस्था में निजी पूंजी के प्रवाह का विश्लेषण करने वाले एक सर्वेक्षण में डेटा सेंटर क्षेत्र का प्रभुत्व स्पष्ट हुआ है। पिछले डेढ़ वर्षों में घोषित परियोजनाओं में डेटा सेंटर को 19.14 ट्रिलियन रुपये का निवेश आकर्षित किया है, जो किसी भी अन्य क्षेत्र से कहीं अधिक है।
डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती मांग के कारण डेटा सेंटर में निवेश का यह उछाल देखा जा रहा है। इसके अलावा इस्पात और परमाणु ऊर्जा क्षेत्र भी निजी निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, जो संरचनात्मक विकास और ऊर्जा सुरक्षा के प्रति सरकार के जोर को दर्शाता है।
करीब 6,850 घोषित परियोजनाओं के इस विश्लेषण में तीनों क्षेत्र निजी पूंजी आवंटन के शीर्ष पर हैं। यह बदलाव भारतीय अर्थव्यवस्था के तकनीकी और औद्योगिक पुनर्गठन की ओर इशारा करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डेटा सेंटर में यह निवेश देश के डिजिटल बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही, परमाणु ऊर्जा और इस्पात क्षेत्र में आने वाली पूंजी दीर्घकालीन औद्योगिक विकास और स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्यों को हासिल करने में सहायक साबित होगी।