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निम्रत कौर ने साझा किए शहीद पिता की यादें, 1994 की त्रासदी को याद किया
निम्रत कौर ने अपने पिता मेजर भूपेंद्र सिंह की दर्दनाक कहानी सुनाई, जिन्हें 1994 में कश्मीर में आतंकवादियों ने अगवा कर मार दिया था। महज 11 साल की उम्र में उन्होंने अपने पिता को खो दिया था।
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निम्रत कौर ने तीस साल पहले की उस भयानक घटना को याद किया, जिसने उनका जीवन हमेशा के लिए बदल दिया। 1994 में कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा किए गए अपहरण और हत्या की घटना आज भी उनके मन में ताजा है।
मेजर भूपेंद्र सिंह को लेकर हुई इस दुर्घटना के समय निम्रत कौर महज 11 वर्ष की थीं। पिता की अचानक मृत्यु ने उनके बचपन को छीन लिया और परिवार को गहरे संकट में डाल दिया। यह घटना देश के लिए भी एक ऐतिहासिक दर्द का प्रतीक बनी रही।
निम्रत कौर द्वारा इन यादों को जनता के सामने लाना एक साहसिक कदम है। वे अपने शहीद पिता की विरासत को जीवित रखना चाहती हैं और समाज को उन सभी वीरों की कुर्बानियों की याद दिलाना चाहती हैं जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया।