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माता के पुनर्विवाह से बेटी का पैतृक संपत्ति पर अधिकार प्रभावित नहीं: हाईकोर्ट

उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि विधवा के पुनर्विवाह संबंधी पुरानी पाबंदी बेटी के स्वतंत्र उत्तराधिकार अधिकारों पर लागू नहीं होती है।

LSN India · 14 September 2026

माता के पुनर्विवाह से बेटी का पैतृक संपत्ति पर अधिकार प्रभावित नहीं: हाईकोर्ट

न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि माता के पुनर्विवाह की स्थिति में बेटी को अपने पिता की संपत्ति से वंचित नहीं किया जा सकता। यह निर्णय पारंपरिक उत्तराधिकार कानूनों के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण स्पष्टता लाता है।

न्यायालय ने अपने फैसले में माना कि पुनर्विवाह संबंधी प्रतिबंध केवल विधवा महिला पर लागू होते हैं, न कि उसकी संतानों के व्यक्तिगत और स्वतंत्र उत्तराधिकार अधिकारों पर। यह सिद्धांत पारिवारिक कानून की परंपरागत व्याख्या से अलग है।

इस निर्णय से महिला संपत्ति अधिकारों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मिसाल स्थापित होती है। न्यायालय ने माना कि बेटी का पैतृक संपत्ति पर अधिकार उसके माता-पिता के वैवाहिक स्तर पर निर्भर नहीं करना चाहिए।

यह निर्णय उन मामलों में महत्वपूर्ण साबित होगा जहां विधवा महिलाओं के पुनर्विवाह के कारण उनकी संतानों को संपत्ति विवाद का सामना करना पड़ता था। विधिक विशेषज्ञ इसे महिला उत्तराधिकार अधिकारों की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानते हैं।