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बधिर पर्वतारोही ने एवरेस्ट बेस कैंप तक का सफर पूरा किया
हरियाणा के करनाल के प्रदीप मुंडेजा ने बचपन से ही श्रवण शक्ति खो दी थी, लेकिन इस कमी को अपनी मजबूत इच्छाशक्ति से पराजित कर नेपाल में एवरेस्ट बेस कैंप तक 130 किलोमीटर का दुर्गम ट्रेक पूरा किया।
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करनाल में निवास करने वाले प्रदीप मुंडेजा, जो पंजाब नेशनल बैंक में चीफ मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं, ने शारीरिक सीमाओं को चुनौती देते हुए एक असाधारण उपलब्धि हासिल की है। मुंडेजा सात वर्ष की आयु से ही श्रवण विकलांग हैं, लेकिन इसने उन्हें अपने लक्ष्यों का पीछा करने से रोका नहीं।
एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुंचने के लिए मुंडेजा को नेपाल में लगभग 130 किलोमीटर के चुनौतीपूर्ण ट्रेक को पार करना पड़ा। यह मार्ग उच्च ऊंचाई, कठोर जलवायु और दुर्गम भू-भाग के कारण माना जाता है। मुंडेजा ने साहस और दृढ़ संकल्प के साथ इस यात्रा को संपन्न किया।
उनकी यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत विजय है, बल्कि यह दर्शाती है कि शारीरिक अक्षमता किसी के सपनों को पूरा करने में बाधा नहीं बन सकती। मुंडेजा की यात्रा के अनुभव से प्रेरणा लेकर अन्य दिव्यांग व्यक्ति भी अपने लक्ष्यों के प्रति आशान्वित हो सकते हैं।