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भारतीय दृष्टिकोण से प्रामाणिक इतिहास प्रस्तुत करना है विमुक्तिकरण: शाह
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत के ज्ञान परंपराओं को नष्ट करने के प्रयास किए गए हैं, लेकिन लोगों की स्मृति और मौखिक परंपराओं में निहित ज्ञान को समाप्त नहीं किया जा सकता।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विमुक्तिकरण की प्रक्रिया को भारतीय परिप्रेक्ष्य से ऐतिहासिक वृत्तांत प्रस्तुत करने के संदर्भ में परिभाषित किया है। शाह के अनुसार, राष्ट्र के ज्ञान संरचनाओं को विनष्ट करने के लिए व्यवस्थित प्रयास किए गए हैं, जो भारतीय सभ्यता की समृद्ध विरासत को नुकसान पहुंचाने का प्रयास था।
मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि भारत के लोगों की सामूहिक स्मृति और पीढ़ियों से चली आई मौखिक परंपराएं अमिट हैं। ये ज्ञान स्रोत किसी भी बाह्य प्रयास से पूरी तरह समाप्त नहीं किए जा सकते, क्योंकि वे समाज के ताने-बाने में गहराई से जुड़े हुए हैं।
शाह का यह वक्तव्य शिक्षा और ऐतिहासिक पाठ्यक्रम में भारतीय दृष्टिकोण को प्रमुखता देने की चर्चा के संदर्भ में आया है। उनके विचार से, विमुक्तिकरण की वास्तविक प्रक्रिया में भारत के अपने सांस्कृतिक मूल्यों और ऐतिहासिक सत्यों को प्रामाणिक रूप में प्रस्तुत करना महत्वपूर्ण है।
यह दृष्टिकोण भारतीय शिक्षा और सांस्कृतिक नीति में भारतीयता को केंद्रीय स्थान देने की व्यापक नीति के साथ संरेखित है। मंत्री का संदेश यह है कि भारत को अपनी खोई हुई विरासत को पुनः प्राप्त करने और अपने इतिहास को अपनी दृष्टि से बयां करने का अधिकार है।