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दो साल में डीपफेक अश्लील वीडियो में 1500 फीसदी का उछाल
एक नई रिपोर्ट के अनुसार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके बनाई गई अश्लील सामग्री में भारी वृद्धि देखी गई है। इस सामग्री का लगभग पूरा लक्ष्य महिलाएं और बालिकाएं हैं, जिनमें बॉलीवुड सितारे, अभिनेत्रियां और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं।
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डीपफेक तकनीक का दुरुपयोग करके बनाई गई अश्लील सामग्री में चिंताजनक वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले दो वर्षों में ऐसी सामग्री में 1500 प्रतिशत का उछाल आया है, जो डिजिटल सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
इस प्रकार की सामग्री का निर्माण मुख्य रूप से महिलाओं और बालिकाओं को निशाना बनाकर किया जा रहा है। इसमें हॉलीवुड और बॉलीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्रियां, अंतरराष्ट्रीय संगीत कलाकार तथा सामाजिक कार्यकर्ता और महिला अधिकार के प्रवक्ता शामिल हैं।
डीपफेक तकनीक का उपयोग करके किसी के चेहरे को दूसरे शरीर पर लगाकर जालसाजी वाली वीडियाएं बनाई जाती हैं। यह तकनीक कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग पर आधारित है, जिससे अत्यंत वास्तविक दिखने वाली सामग्री तैयार की जा सकती है।
यह समस्या ऑनलाइन महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा के लिए एक गंभीर खतरा पैदा कर रही है। विशेषज्ञ इस प्रवृत्ति को रोकने के लिए कानूनी कार्रवाई, तकनीकी समाधान और जनसचेतना के समन्वित प्रयास की मांग कर रहे हैं।