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दीपफेक विवाद: बॉलीवुड में AI का खतरा, नियमन की जरूरत
भारतीय सेलिब्रिटियों के दीपफेक विडियो बनाने की घटनाओं ने मनोरंजन उद्योग में अलर्ट बढ़ा दिया है। विशेषज्ञ कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर सख्त नियम और सुरक्षा उपायों की तुरंत जरूरत बता रहे हैं।
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भारतीय मनोरंजन जगत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा बनाए जाने वाले नकली विडियो का संकट तेजी से बढ़ रहा है। प्रमुख अभिनेत्रियों के दीपफेक विडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की घटनाओं ने इंडस्ट्री में चिंता की लहर दौड़ा दी है। इन तकनीकी घटनाक्रमों से हस्तियों की गरिमा को गंभीर नुकसान पहुंचने के साथ ही आम जनता भी भ्रमित हो रही है।
दीपफेक तकनीक का दुरुपयोग केवल व्यक्तिगत स्तर पर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में विश्वास की कमी और भ्रम फैलाने का काम कर रही हैं। दीपफेक तकनीक की पहचान के लिए अलग से एआई आधारित समाधान विकसित करने की भी बात उठ रही है।
इन घटनाओं के मद्देनजर कानूनी कार्रवाई की मांग तेजी से बढ़ी है। भारत सरकार और साइबर सुरक्षा विभाग इस मुद्दे पर गंभीर विचार कर रहे हैं। विभिन्न हितधारक और इंडस्ट्री विशेषज्ञ कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संबंधित सख्त नियम बनाने का आह्वान कर रहे हैं।
विधिवेत्ताओं के अनुसार, दीपफेक विडियो बनाने वालों के खिलाफ मौजूदा कानूनों में सुधार की तुरंत आवश्यकता है। साइबर अपराध कानून को इन नई चुनौतियों के अनुरूप संशोधित किया जाना चाहिए। साथ ही, तकनीकी प्लेटफार्मों को भी ऐसी सामग्री को तुरंत हटाने की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।