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अमेरिकी मतदाताओं में चुनावी हेराफेरी का डर, डीपफेक्स से बढ़ी चिंता
कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बने नकली सामग्री अमेरिकी चुनावों में घुस रहे हैं। मतदाताओं में यह डर बढ़ रहा है कि एआई तकनीक चुनाव प्रक्रिया की सत्यता को खतरे में डाल सकती है।
LSN India ·

आने वाले अमेरिकी चुनावों को लेकर मतदाताओं में गहरी चिंता व्यक्त की जा रही है। सर्वेक्षण में पाया गया है कि 77 प्रतिशत अमेरिकी मतदाता कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जरिए चुनावी हेराफेरी की संभावना को लेकर भयभीत हैं।
जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तकनीकें अब राजनीतिक क्षेत्र में तेजी से प्रवेश कर रही हैं। ये मशीन-लर्निंग औजार अत्यंत प्रामाणिक दिखने वाली नकली सामग्री तैयार कर सकते हैं, जो तथ्य और काल्पनिक कथाओं के बीच की सीमा को धुंधला करती है। डीपफेक्स तकनीक का इस्तेमाल करते हुए मतदाताओं को भ्रामक वीडियो और छवियां प्रदान की जा सकती हैं।
राजनीतिक प्रचारण में एआई का उपयोग मतदाताओं को व्यक्तिगत स्तर पर निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। प्रचारणाकारी दल मशीन-लर्निंग उपकरणों का प्रयोग कर विभिन्न समूहों के लिए अनुकूलित संदेश भेज रहे हैं। इस प्रक्रिया ने मीडिया की विश्वसनीयता और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शोध से पता चलता है कि मतदाता इस बात को लेकर व्यापक रूप से चिंतित हैं कि कैसे एआई-निर्मित सामग्री लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचा सकती है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि इस तकनीक के अनियंत्रित उपयोग से चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं और जनता का विश्वास कम हो सकता है।