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मानव आवाजों से हिरण भागते थे, लेकिन जल्द ही अनदेखा करने लगे
एक नए अध्ययन में पाया गया है कि हिरण शुरुआत में मानव आवाजों से 64 प्रतिशत बार भाग निकलते थे। हालांकि, समय के साथ ये जानवर इन आवाजों के प्रति असंवेदनशील हो गए।
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वन्यजीव अनुसंधानकर्ताओं का एक हालिया अध्ययन दर्शाता है कि हिरण मानव आवाजों के प्रति अपना व्यवहार कैसे बदलते हैं। शुरुआती चरण में, जब हिरणों को मानव आवाजें सुनाई देती थीं, तो वे लगभग 64 प्रतिशत मामलों में तुरंत भाग निकलते थे।
यह प्रतिक्रिया प्राकृतिक है क्योंकि वन्यजीवों के लिए अज्ञात आवाजें संभावित खतरे का संकेत देती हैं। हिरण की यह सतर्कता प्रजाति के अस्तित्व की रणनीति का हिस्सा है।
हालांकि, अध्ययन का सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह है कि समय बीतने के साथ हिरणों ने मानव आवाजों के प्रति अपनी प्रतिक्रिया में परिवर्तन दिखाया। जानवर धीरे-धीरे इन आवाजों को सामान्य मानने लगे और उनसे बचने का प्रयास कम करते गए।
इस अनुकूलन प्रक्रिया को 'आदत पड़ना' कहा जाता है, जिसमें जानवर पुनरावृत्ति के माध्यम से किसी उत्तेजना को सामान्य मानना सीखते हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह खोज वन्यजीव प्रबंधन और मानव-पशु सह-अस्तित्व को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।