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राजौरी गार्डन गोलीकांड: पीड़ित के विरुद्ध बयान देने से तीनों को बरी किया
दिल्ली की अदालत ने 2017 की राजौरी गार्डन गोलीकांड में तीनों आरोपियों को बरी कर दिया है। पीड़ित द्वारा अदालत में विरुद्ध बयान देने के कारण अभियोजन पक्ष का मामला कमजोर पड़ गया।
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दिल्ली की एक अदालत ने 2017 की राजौरी गार्डन गोलीकांड में तीनों आरोपियों को अभियोग से बरी कर दिया है। पीड़ित के अदालत में अपने पूर्ववर्ती बयान से मुकरने और विरुद्ध साक्ष्य प्रस्तुत करने के कारण अभियोजन का मामला निर्बल साबित हुआ। अदालत ने पाया कि प्रस्तुत साक्ष्य आरोपियों को दोषसिद्ध करने के लिए पर्याप्त और विश्वसनीय नहीं है।
घटना से संबंधित जांच में यह मामला पांच वर्षों तक न्यायिक प्रक्रिया से गुजरा। पीड़ित की ओर से दिए गए बदले हुए बयान ने मामले के केंद्रीय प्रमाण को खतरे में डाल दिया। न्यायालय ने साक्ष्य के मूल्यांकन में पाया कि विरोधाभासी कथनों के कारण मामले में पर्याप्त संदेह बना रहता है।
न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि आपराधिक कानून के तहत आरोपियों को दोषसिद्ध करने के लिए कानूनी मानदंडों को पूरा करने वाले निर्विवाद प्रमाण होने चाहिए। मामले में साक्ष्य की अविश्वसनीयता के कारण आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया।