LSN News › India

Politics · India Bureau

एक्सिस बैंक के 4,155 मामलों में अकेले मध्यस्थ की नियुक्ति पर दिल्ली हाईकोर्ट नाराज

दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक्सिस बैंक से जुड़े 4,155 मध्यस्थता कार्यवाहियों को संभालने वाले एकमात्र मध्यस्थ की नियुक्ति पर असंतोष व्यक्त किया है। अदालत ने कहा कि एक ही मध्यस्थ की बार-बार एकतरफा नियुक्ति मध्यस्थता की बुनियादी तटस्थता के सिद्धांत के विरुद्ध है।

LSN India · 7 October 2026

एक्सिस बैंक के 4,155 मामलों में अकेले मध्यस्थ की नियुक्ति पर दिल्ली हाईकोर्ट नाराज

दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक्सिस बैंक से संबंधित एक बड़ी संख्या में मध्यस्थता कार्यवाहियों को संभालने के लिए एक ही व्यक्ति की नियुक्ति पर गंभीर चिंता जताई है। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि इस तरह की व्यवस्था मध्यस्थता प्रक्रिया के मूल सिद्धांतों के साथ असंगत है।

अदालत के अनुसार, 4,155 मध्यस्थता मामलों में एकमात्र मध्यस्थ की नियुक्ति की प्रथा मध्यस्थता के कार्यों की तटस्थता और निष्पक्षता को प्रभावित करती है। न्यायालय ने कहा कि किसी एक मध्यस्थ को बार-बार और एकतरफा तरीके से नियुक्त करना संभावित पूर्वाग्रह और निष्पक्षता की कमी का संकेत हो सकता है।

हाईकोर्ट के इस फैसले से मध्यस्थता प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश पड़ता है। अदालत ने यह संदेश दिया है कि बहु-पक्षीय अनुबंधों और विवादों में मध्यस्थों की नियुक्ति में विविधता और संतुलन महत्वपूर्ण है।

यह फैसला कॉर्पोरेट भारत में मध्यस्थता प्रणाली की कार्यप्रणाली के बारे में महत्वपूर्ण प्रश्न उठाता है और भविष्य में इसी तरह की नियुक्तियों पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।