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जेएनयू में यौन उत्पीड़न के आरोपों में बिमोल अकोइजाम को अस्थायी राहत
दिल्ली की अदालत ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय द्वारा बिमोल अकोइजाम की नियुक्ति समाप्त करने के आदेश पर रोक लगाई है। यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े इस विवाद में अदालत का यह निर्णय मामले में महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।
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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर बिमोल अकोइजाम को दिल्ली की अदालत से अस्थायी राहत मिली है। अदालत ने विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए गए उनकी सेवा समाप्ति के आदेश पर रोक लगाई है जो यौन उत्पीड़न के आरोपों के आधार पर जारी किया गया था।
इस मामले में अदालत ने अकोइजाम की याचिका पर सुनवाई करते हुए विश्वविद्यालय के निर्णय को लागू न करने का अस्थायी आदेश दिया है। अदालत का यह निर्णय तब आया है जब विश्वविद्यालय प्रशासन और अकोइजाम के बीच विवाद लंबे समय से चल रहा है।
विश्वविद्यालय के अनुसार आरोपित को गंभीर आचरण संबंधी मुद्दों के कारण कार्रवाई की गई थी। हालांकि, अकोइजाम की पक्ष से तर्क दिया जा रहा है कि आरोप आधारहीन हैं और उन्हें सुनवाई का उचित अवसर नहीं दिया गया।
अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख तय की है। इस बीच, अकोइजाम को नई स्थिति में अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखने का मौका मिल गया है। शिक्षा जगत में यह मामला एक महत्वपूर्ण मिसाल स्थापित कर सकता है।