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दिल्ली हाईकोर्ट ने रेड फोर्ट बम विस्फोट के आरोपी को डिफॉल्ट जमानत से किया इनकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को 2025 के रेड फोर्ट कार बम विस्फोट मामले के आरोपी जासिर बिलाल वानी उर्फ डेनिश को डिफॉल्ट जमानत देने से इनकार कर दिया। न्यायाधीशों की बेंच ने मार्च की ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली अपील को खारिज कर दिया।
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न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह और विकास महाजन की बेंच ने वानी की अपील को खारिज करते हुए कहा कि आरोपी को 90 दिन बाद डिफॉल्ट जमानत का अधिकार नहीं है। यह निर्णय ट्रायल कोर्ट के 30 मार्च के आदेश को बरकरार रखता है, जिसमें डिफॉल्ट जमानत की मांग को खारिज किया गया था।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने नवंबर 2025 में कश्मीर से संबंधित वानी को गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने आरोपी को "सक्रिय सहयोगी" बताते हुए आरोप लगाया है कि वह ड्रोन में संशोधन और रॉकेट बनाने के प्रयासों में तकनीकी सहायता प्रदान करता था। एनआईए का दावा है कि वानी ने रेड फोर्ट विस्फोट की योजना बनाने में आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी के साथ मिलकर काम किया।
10 नवंबर 2025 को शाम 6:52 बजे रेड फोर्ट के पास एक हुंडई i20 कार में विस्फोट हुआ था, जिससे 15 लोगों की मौत हुई थी। यह घटना देश में आतंकवाद के खिलाफ गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। आरोपी को 90 दिन के भीतर एफआईआर दर्ज करने के नियमों के तहत डिफॉल्ट जमानत का कानूनी अधिकार नहीं है क्योंकि एनआईए ने निर्धारित समय सीमा में चार्जशीट दाखिल कर दी है।