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दिल्ली हाईकोर्ट ने लाल किले में आईएनए स्मारक की याचिका खारिज की
भारतीय राष्ट्रीय सेना के लिए लाल किले में स्मारक स्थापित करने की मांग वाली जनहित याचिका को दिल्ली उच्च न्यायालय की पीठ ने खारिज कर दिया है। न्यायालय ने माना कि स्मारक निर्माण किसी कानूनी अधिकार या बाध्यकारी कर्तव्य से जुड़ा नहीं है।
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दिल्ली के उच्च न्यायालय ने भारतीय राष्ट्रीय सेना (आईएनए) के लिए लाल किले में एक स्मारक स्थापित करने की मांग करने वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश डी के उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने अपने निर्णय में माना कि ऐसे स्मारक की स्थापना किसी कानूनी अधिकार या किसी प्रवर्तनीय कर्तव्य से संबंधित नहीं है।
याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया था कि राष्ट्रीय महत्व की विरासत के रूप में आईएनए के सदस्यों को सम्मानित करने के लिए लाल किले में एक उपयुक्त स्मारक होना चाहिए। उन्होंने कहा था कि यह देश के स्वतंत्रता संग्राम में संगठन के योगदान को स्वीकार करने का एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
हालांकि, न्यायालय की पीठ ने माना कि स्मारक या स्मृति चिन्ह की स्थापना करना प्रशासनिक और राजनीतिक निर्णय का विषय है, जो न्यायालय के दायरे से बाहर है। पीठ ने अपने आदेश में कहा कि इस तरह के मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप उचित नहीं है, बल्कि संबंधित सरकारी अधिकारियों और एजेंसियों को इस पर विचार करना चाहिए।
आईएनए भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में गठित एक महत्वपूर्ण संगठन था। लाल किला दिल्ली के प्रतीकात्मक ऐतिहासिक स्मारकों में से एक है और भारतीय संस्कृति एवं विरासत का प्रतीक माना जाता है।