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दिल्ली हाईकोर्ट ने पैनल को भंग किया, सीनियर एडवोकेट नियुक्ति का अधिकार फुल कोर्ट को दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने सीनियर एडवोकेट नियुक्ति की नई प्रक्रिया को मंजूरी दी है। नियम मार्च 2024 की व्यवस्था को बदलते हुए फुल कोर्ट को अंतिम निर्णय लेने का अधिकार देते हैं।
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने सीनियर एडवोकेट के पद पर नियुक्ति के लिए पिछली समिति को भंग करते हुए नई व्यवस्था को मंजूरी दे दी है। इस नई प्रणाली के तहत पूरे न्यायालय की बेंच को इस महत्वपूर्ण निर्णय लेने का सीधा अधिकार दिया गया है।
नए नियम मार्च 2024 में जारी की गई पिछली व्यवस्था को प्रतिस्थापित करते हैं। इस नई प्रक्रिया में एक स्थायी सचिवालय की स्थापना की गई है जो संपूर्ण प्रक्रिया को प्रशासित करेगा। सीनियर एडवोकेट के चयन का अंतिम निर्णय पूरे न्यायालय की फुल बेंच द्वारा लिया जाएगा।
इस निर्णय से सीनियर एडवोकेट नियुक्ति की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और संस्थागत बनाने का प्रयास किया गया है। नई व्यवस्था में स्थायी सचिवालय की भूमिका प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।
दिल्ली हाईकोर्ट की यह पहल भारतीय न्यायिक प्रणाली में वरिष्ठ वकीलों के चयन की प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।