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नेहा बोरा की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला
अखिल भारतीय विद्यार्थी संगठन की अध्यक्ष नेहा बोरा की 'शांति बंधन' नोटिस के खिलाफ याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश शुक्रवार को आने की संभावना है। बोरा का कहना है कि नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए किसी की अनुमति की जरूरत नहीं होती।
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दिल्ली हाई कोर्ट ने अखिल भारतीय विद्यार्थी संगठन (एआईएसए) की अध्यक्ष नेहा बोरा द्वारा दायर याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट के अनुसार, इस मामले में आदेश शुक्रवार की शाम को घोषित किया जा सकता है।
बोरा ने पुलिस द्वारा जारी 'शांति बंधन' नोटिस को चुनौती देते हुए कहा है कि भारतीय नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए किसी से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। यह अधिकार संविधान द्वारा प्रदत्त है और इसे प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता।
एआईएसए अध्यक्ष का तर्क है कि पुलिस द्वारा दिया गया नोटिस उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। नोटिस को रद्द करने की मांग करते हुए बोरा ने कहा है कि सार्वजनिक स्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।
यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति नागरिकों के अधिकारों से जुड़ा है। कोर्ट के फैसले का इसी तरह के मामलों में महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।