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दिल्ली में ड्रोन से संपत्ति सर्वे, टैक्स निर्धारण होगा स्वच्छ
दिल्ली नगर निगम ने संपत्ति कर मूल्यांकन में पारदर्शिता लाने के लिए ड्रोन आधारित तकनीक का उपयोग शुरू किया है। रोहिणी और शाहदरा के चुनिंदा वार्डों में इस पायलट प्रकल्प के तहत भौगोलिक सूचना प्रणाली और 3डी डिजिटल मानचित्र बनाए जा रहे हैं।
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दिल्ली नगर निगम ने संपत्ति कर निर्धारण प्रक्रिया को आधुनिकीकृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब ड्रोन प्रौद्योगिकी के जरिए जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) आधारित सर्वे किया जा रहा है, जिससे संपत्तियों का सटीक आकलन संभव हो सकेगा।
इस पायलट प्रकल्प के अंतर्गत रोहिणी और शाहदरा क्षेत्रों के कुछ चुनिंदा वार्डों को कवर किया जा रहा है। ड्रोन के माध्यम से प्राप्त डेटा का उपयोग करके 3डी डिजिटल ट्विन सर्वे तैयार किया जा रहा है, जो हर संपत्ति का विस्तृत डिजिटल प्रतिनिधित्व प्रदान करेगा।
यह तकनीकी पहल संपत्ति कर मूल्यांकन में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का प्रयास है। सटीक जियोस्पेशियल डेटा के आधार पर टैक्स असेसमेंट करने से विवादों में कमी आने और राजस्व संग्रहण में सुधार आने की संभावना है।
नगर निगम का यह कदम डिजिटल भारत की पहल के अनुरूप है। पायलट प्रकल्प के सफल होने के बाद इसे दिल्ली के अन्य क्षेत्रों में भी विस्तारित किए जाने की योजना है।