World · India Bureau
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए ग्रैप-II उपायों का क्रियान्वयन
राजधानी में वायु गुणवत्ता में गिरावट के बीच दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में ग्रैप-II के तहत सख्त प्रदूषण नियंत्रण उपायों को लागू किया गया है। सोमवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 324 पर पहुंच गया।
LSN India ·

वायु प्रदूषण की समस्या से जूझ रहे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में अब ग्रैप-II (ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान) के तहत कड़े उपायों को लागू किया जा रहा है। राजधानी में वायु गुणवत्ता में तेजी से गिरावट आने के बाद यह कदम उठाया गया है। सोमवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 324 तक पहुंच गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है।
ग्रैप-II के तहत लागू किए जाने वाले उपायों में सड़कों की नियमित यांत्रिक सफाई प्रमुख है। इसके अलावा धूल कणों को कम करने के लिए जल छिड़काव और एंटी-स्मॉग गनों का उपयोग भी किया जा रहा है। ये सभी कदम वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
ग्रैप-II योजना के तहत सभी संबंधित विभाग और एजेंसियां समन्वित प्रयासों में लगे हुए हैं। यह प्रणाली वायु प्रदूषण के स्तर के आधार पर विभिन्न चरणों में अलग-अलग उपायों को लागू करती है। इन उपायों के माध्यम से क्षेत्र में प्रदूषण के स्तर को कम करने का लक्ष्य है।
इस बीच, दिल्ली सहित राजधानी क्षेत्र के निवासियों को प्रदूषण से बचाव के उपायों का पालन करने की सलाह दी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को इस दौरान घर में रहने, मास्क पहनने और बाहरी गतिविधियों को सीमित करने की सिफारिश करते हैं।