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दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 500 के पार, रात और सुबह को प्रदूषण क्यों बढ़ता है
दिल्ली की वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। विशेषज्ञों के अनुसार रात और सुबह की घंटों में प्रदूषण में भारी वृद्धि होती है।
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दिल्ली में वायु प्रदूषण का संकट गंभीर रूप धारण कर चुका है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 500 के स्तर को पार कर गया है। यह आंकड़ा स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गहरी चिंता का विषय बन गया है क्योंकि इस स्तर का प्रदूषण सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए हानिकारक माना जाता है।
रात और सुबह की पहली पहर में प्रदूषण में तेज वृद्धि के पीछे मौसमी कारण और भौगोलिक परिस्थितियां जिम्मेदार हैं। कम तापमान और निम्न हवा की गति के कारण प्रदूषकारी कण वायुमंडल में अधिक देर तक स्थिर रहते हैं। रात के समय तापमान में गिरावट से एक परत बनती है जो प्रदूषकों को ऊपर की ओर जाने से रोकती है और जमीन के करीब केंद्रित करती है।
इसके अतिरिक्त, सर्दी के मौसम में पराली जलाने, वाहनों का उत्सर्जन, औद्योगिक प्रदूषण और निर्माण गतिविधियां भी इस समस्या को बढ़ाती हैं। सुबह जब तापमान अभी भी कम होता है, तो प्रदूषण की सघनता सर्वाधिक होती है।
स्वास्थ्य अधिकारी नागरिकों को रात और सुबह जल्दी बाहर निकलने से बचने की सलाह दे रहे हैं। मास्क पहनना और वायु शुद्धिकरण उपकरणों का उपयोग करना आवश्यक माना जा रहा है। दिल्ली सरकार द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के लिए विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं, किंतु दीर्घकालिक समाधान के लिए और प्रयास की आवश्यकता है।