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दिल्ली के गड्ढों से लेकर फिजी तक: किशोर ने बनाया सड़क मरम्मत का एआई प्लेटफॉर्म
एक भारतीय किशोर ने सड़कों की खस्ता हालत से निपटने के लिए एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित प्रणाली विकसित की है। पार्थ आनंद की इस पहल का नाम 'सड़क' है, जो उनके माता-पिता के एक दुर्घटना के बाद सामने आई।
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पार्थ आनंद, एक उद्यमी किशोर, ने सड़कों पर बने गड्ढों और क्षतिग्रस्त सड़कों की समस्या का समाधान खोजने के लिए एक अभिनव प्रযुक्ति मंच तैयार किया है। इस परियोजना की शुरुआत एक व्यक्तिगत दुर्घटना से हुई जब उनके माता-पिता की मोटरसाइकिल एक गहरे गड्ढे से टकराई, जिससे उन्हें चोटें आईं। यह घटना आनंद के लिए एक वास्तविकता की जागृति बन गई।
आनंद द्वारा विकसित 'सड़क' नामक प्लेटफॉर्म कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करते हुए सड़कों की खराब स्थिति की पहचान करता है और स्थानीय प्राधिकारियों को सूचित करता है। यह प्रणाली तकनीकी निगरानी और त्वरित कार्रवाई के लिए एक सेतु का काम करती है। इस मंच के माध्यम से नागरिक भी सड़क की समस्याओं की रिपोर्ट कर सकते हैं।
इस परियोजना की सफलता दिल्ली तक सीमित नहीं रही है। 'सड़क' प्लेटफॉर्म अब दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के अन्य क्षेत्रों में भी अपनाया जा रहा है। फिजी सहित अन्य देशों में इस तकनीक के परीक्षण का काम चल रहा है।
यह परियोजना दिखाती है कि कैसे युवा प्रतिभा और प्रौद्योद्योगिकी का समन्वय सामाजिक समस्याओं का समाधान निकाल सकता है। आनंद की पहल सरकारी संस्थाओं और शहरी नियोजन विभागों के लिए एक उपयोगी उपकरण साबित हुई है।