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नौकरी ने बदल दीं जिंदगी, रोज़मर्रा की चीजें बन गईं विलासिता

एक महिला ने बताया कि कैसे काम की मांग ने उसके जीवन को पूरी तरह बदल दिया। वह कहती हैं कि अब उन्हें शाम के बाद का अपना समय तक नहीं मिल रहा।

LSN India · 4 October 2026

कुलजोत नाम की एक महिला ने हाल ही में अपने अनुभव साझा किए हैं कि कैसे एक नौकरी ने उनके दैनंदिन जीवन को पूरी तरह रूपांतरित कर दिया है। वह बताती हैं कि पहले उनके पास शाम पांच बजे के बाद का समय खुद के लिए होता था, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में वह पूरी तरह थकान से जूझ रहीं हैं।

कुलजोत के अनुसार, काम की बढ़ती जिम्मेदारियों और समय की कमी के कारण अब वे सामान्य गतिविधियों को भी विलासिता के रूप में देखने लगी हैं। जीवन की गुणवत्ता में गिरावट और व्यक्तिगत समय की कमी उनके लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है।

उनकी स्थिति भारत सहित दक्षिण एशिया में कई कर्मचारियों के अनुभवों को दर्शाती है। कार्य-जीवन संतुलन की समस्या एक बड़ी सामाजिक चुनौती बनी हुई है, जहां लोग अपनी बुनियादी आवश्यकताओं को भी पूरा करने में संघर्ष कर रहे हैं।