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रेगिस्तान में जंगली घोड़े और गधे बनाते हैं कुएं, 57 प्रजातियों को पानी मिलता है

सोनोरान रेगिस्तान में किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि जंगली घोड़े और गधे जो कुएं खोदते हैं, वे विविध वन्यजीव प्रजातियों के लिए महत्वपूर्ण जल स्रोत बन जाते हैं। ये जानवर पारिस्थितिकी तंत्र को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

LSN India · 11 October 2026

रेगिस्तान में जंगली घोड़े और गधे बनाते हैं कुएं, 57 प्रजातियों को पानी मिलता है

शोधकर्ताओं का एक दल सोनोरान रेगिस्तान में जंगली घोड़ों और गधों के व्यवहार का अध्ययन करता है। अपने अध्ययन में उन्होंने पाया कि ये जानवर मिट्टी खोदकर ऐसे कुएं बनाते हैं जो अन्य वन्यजीवों के लिए पानी के महत्वपूर्ण स्रोत बन जाते हैं।

शोधकर्ताओं के निरीक्षण में पता चला कि इन कुओं में 57 अलग-अलग कशेरुकी प्रजातियां पानी पीने आती हैं। विशेष रूप से शुष्क मौसम के दौरान ये कुएं विभिन्न प्रजातियों के लिए जीवनरक्षक साबित होते हैं। इन कुओं की उपस्थिति से वन्यजीवों को पानी तक पहुंचना आसान हो जाता है।

अध्ययन में यह भी देखा गया कि ये कुएं केवल पानी का स्रोत नहीं हैं, बल्कि ये पर्यावरण को अन्य तरीकों से भी प्रभावित करते हैं। कुओं के आसपास की मिट्टी में नमी बनी रहती है, जिससे पोपलर के पेड़ों के अंकुर बेहतर तरीके से विकसित होते हैं।

यह अध्ययन दर्शाता है कि जंगली घोड़े और गधे केवल शाकाहारी जानवर नहीं हैं, बल्कि वे अपने पर्यावरण को आकार देने वाले महत्वपूर्ण जीव हैं। उनकी खुदाई की गतिविधि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को सकारात्मक रूप से प्रभावित करती है और विभिन्न प्रजातियों के अस्तित्व में सहायक होती है।