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डेट्रॉइट चिड़ियाघर से 500 घोंघे ताहिती जाने को तैयार, 37 साल की संरक्षण यात्रा
मिशिगन से ताहिती तक 5,000 मील की यात्रा पर निकल रहे हैं सैकड़ों लुप्तप्राय घोंघे। 1989 से डेट्रॉइट चिड़ियाघर द्वारा संचालित इस अंतरराष्ट्रीय संरक्षण कार्यक्रम में अब तक 17,000 से अधिक घोंघों को उनके प्राकृतिक आवास में वापस किया जा चुका है।
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अमेरिका के डेट्रॉइट चिड़ियाघर द्वारा पोषित 500 घोंघे शीघ्र ही प्रशांत महासागर के द्वीप ताहिती की ओर अपनी लंबी यात्रा शुरू करेंगे। यह कदम दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण संरक्षण कार्यक्रमों में से एक है, जो लुप्तप्राय मूल घोंघों की प्रजातियों को बचाने के लिए चलाया जा रहा है।
ताहिती के द्वीपों में आक्रमणकारी शिकारी प्रजातियों के कारण इन अद्वितीय घोंघों की जनसंख्या में भारी गिरावट आई है। स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण ये छोटे जीव विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गए थे। डेट्रॉइट चिड़ियाघर ने 1989 में इन घोंघों के संरक्षण का बीड़ा उठाया और तब से लगातार इनका प्रजनन और देखभाल करता आ रहा है।
इस दीर्घकालीन संरक्षण प्रयास के माध्यम से अब तक 17,000 से अधिक घोंघों को उनके मूल निवास में सफलतापूर्वक वापस किया जा चुका है। इस बार की यात्रा में जाने वाले 500 घोंघे इसी सफल कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में एक मजबूत उदाहरण प्रस्तुत करता है। डेट्रॉइट चिड़ियाघर द्वारा संचालित यह परियोजना न केवल ताहिती की मूल प्रजातियों को बचा रही है, बल्कि द्वीप के पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को भी बहाल करने में मदद कर रही है।