World · India Bureau
चार दशक की भक्ति यात्रा: 19 बेटियों के साथ बाबा बैजनाथ धाम की कांवड़
संजीव पिछले चालीस वर्षों से सावन के महीने में सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबा बैजनाथ धाम की पैदल यात्रा करते हैं। इस बार उन्होंने अपनी 19 बेटियों को साथ ले जाकर इस धार्मिक परंपरा को एक नया आयाम दिया है।
LSN India ·

संजीव की श्रद्धा और समर्पण की कहानी उत्तर भारत के धार्मिक परिदृश्य में एक प्रेरक उदाहरण बन गई है। चार दशकों से अधिक समय तक वह हर सावन में गंगाजल भरकर बाबा बैजनाथ धाम तक की कठिन पैदल यात्रा करते आ रहे हैं। सुल्तानगंज से शुरू होने वाली यह यात्रा महादेव को समर्पित उनकी अटूट आस्था का प्रतीक है।
इस बार की यात्रा अपने पूर्ववर्ती प्रयासों से विशिष्ट है। संजीव ने अपने परिवार की उन्नीस बेटियों को अपने साथ इस पवित्र यात्रा में शामिल किया है। यह कदम न केवल पारिवारिक बंधन को मजबूत करता है, बल्कि युवा पीढ़ी में धार्मिक मूल्यों और परंपराओं को जीवंत रखने का भी सदेश देता है।
हर साल सावन में गंगाजल से भोलेनाथ का जलाभिषेक करना संजीव की दिनचर्या का अभिन्न अंग बन गया है। बाबा बैजनाथ धाम की इस तीर्थ यात्रा को लेकर उनकी निष्ठा और परिवार की भागीदारी समाज में धार्मिक परंपराओं के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का एक जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करती है।