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सिंदूर खेला में जया किशोरी की परंपरागत प्रस्तुति दर्शकों को मुग्ध करीं
भक्ति गायिका जया किशोरी ने सिंदूर खेला समारोह में अपनी सादगीपूर्ण और आकर्षक प्रस्तुति से दर्शकों का मन जीता। लाल बांधनी पोशाक में माथे पर सिंदूर लगाकर वह देवी दुर्गा का सम्मान करते हुए परंपरागत उत्सव में शामिल हुईं।
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भारतीय संस्कृति के एक प्रमुख पर्व सिंदूर खेला के मौके पर जया किशोरी की प्रस्तुति सबका ध्यान अपनी ओर खींचती रही। उन्होंने पारंपरिक लाल बांधनी सूट पहन कर देवी दुर्गा को चुनरी ढाकने का रीति-रिवाज निभाया, जो इस त्योहार का एक महत्वपूर्ण अंग माना जाता है।
इस अवसर पर गायिका ने महिलाओं के साथ मिलकर उल्लासपूर्ण नृत्य किया। माथे पर सिंदूर और चेहरे पर प्रसन्नता की मुस्कान के साथ उनकी उपस्थिति परंपरागत भारतीय मूल्यों की प्रतिष्ठा करती नजर आई।
इस आयोजन में जया किशोरी ने भजनों के माध्यम से देवी को विदा करने की परंपरा को जीवंत रखा। सिंदूर खेला, जो मुख्य रूप से बंगाल और पूर्वी भारत में मनाया जाता है, देवी दुर्गा को बिदाई देने का सांस्कृतिक पर्व है। इसमें विवाहित महिलाएं एक-दूसरे को सिंदूर लगाती हैं और नृत्य-संगीत के साथ देवी का सम्मान करती हैं।