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मार्च से पायलट ड्यूटी नियमों में कोई ढील नहीं देगा डीजीसीए
नागरिक विमानन नियामक ने पायलटों के कल्याण संबंधी मौजूदा प्रावधानों को जारी रखने का संकेत दिया है। पायलट संगठन साप्ताहिक विश्राम के अधिकार बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
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भारतीय विमानन नियामक महानिदेशक नागरिक उड्डयन (डीजीसीए) ने स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले महीनों में पायलटों के ड्यूटी नियमों में कोई राहत नहीं दी जाएगी। नियामक का यह रुख पायलट संगठनों के बढ़ते दबाव के बीच आया है जो थकान प्रबंधन से जुड़े नियमों में पुनः सुधार की मांग कर रहे हैं।
पायलट निकायों ने डीजीसीए से आग्रह किया है कि वह साप्ताहिक विश्राम संबंधी पूर्ववर्ती प्रावधानों को बहाल करे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि थकान प्रबंधन संबंधी नियमों में बार-बार अस्थायी परिवर्तन करना विमानन सुरक्षा और पायलटों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
डीजीसीए का निर्णय कम लागत वाली एयरलाइनों के संचालन संबंधी दबाव के बीच आया है। हालांकि, नियामक ने सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता देते हुए वर्तमान नीति को बनाए रखने का फैसला किया है।
पायलट संगठन आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर डीजीसीए के साथ और विचार-विमर्श की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा है कि थकान के कारण पायलटों की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है, जिससे उड़ान सुरक्षा के लिए जोखिम बढ़ सकता है।