Business · India Bureau
विदेशी मुद्रा प्राप्ति के साथ रुपये निपटान नियमों को जोड़ा गया: डीजीएफटी
डीजीएफटी के नवीनतम अधिसूचना में निर्यात आय के रुपये निपटान को विदेशी मुद्रा प्राप्ति से संरेखित किया गया है। साथ ही, सीमा शुल्क विभाग ने छह महीने की पुनः निर्यात अवधि शुरू होने का समय स्पष्ट किया है।
LSN India ·

भारतीय सामान्य व्यापार प्रणाली के तहत निर्यातकों के लिए महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। डीजीएफटी की ताजा अधिसूचना में निर्यात आय से प्राप्त रुपये का निपटान विदेशी मुद्रा प्राप्ति के समय के साथ जोड़ा गया है। इसका अर्थ है कि निर्यातकों को विदेश से मुद्रा आने के समय को ध्यान में रखते हुए रुपये निपटान की प्रक्रिया को पूरा करना होगा।
इसी क्रम में, भारतीय सीमा शुल्क विभाग ने पुनः निर्यात संबंधी नियमों में भी स्पष्टता लाई है। विभाग के अनुसार, छह महीने की पुनः निर्यात अवधि तब शुरू होती है जब सामान सीमा शुल्क गोदाम या संबंधित स्थान में रजिस्टर होता है। यह निर्धारण आयातकारियों और व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण है जो विदेशी सामान का पुनः निर्यात करते हैं।
व्यापार सुविधा के लिए ये संशोधन विशेष महत्व रखते हैं। नई व्यवस्था से निर्यातकों को विदेशी मुद्रा प्राप्ति की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और समय-आधारित हो गई है। साथ ही, सीमा शुल्क के स्पष्ट दिशानिर्देश से पुनः निर्यात संबंधी कार्यवाही में भ्रम दूर हुआ है।
व्यावहारिक स्तर पर, यह निर्देश भारतीय निर्यातकों और आयातकारियों की प्रशासनिक और वित्तीय योजना में मदद करेगा। डीजीएफटी और सीमा शुल्क विभाग की ये पहल भारत के बाहरी व्यापार को और अधिक सुव्यवस्थित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।