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धनतेरस पर स्वास्थ्य को मिले वह स्थान जो धन का है

इस वर्ष धनतेरस का पर्व 6 नवंबर को मनाया जाएगा। भगवान धनवंतरी की पूजा की परंपरा समाज को यह संदेश देती है कि जीवन में धन के समान ही स्वास्थ्य को महत्व देना आवश्यक है।

LSN India · 30 October 2026

धनतेरस पर स्वास्थ्य को मिले वह स्थान जो धन का है

धनतेरस की परंपरा में सोना-चांदी और बर्तनों की खरीदारी का प्रचलन सदियों से चला आ रहा है। हालांकि, इस पवित्र अवसर के वास्तविक संदेश को समझना अधिक महत्वपूर्ण है। धनवंतरी देव की पूजा का अर्थ केवल भौतिक संपत्ति का संचय नहीं, बल्कि जीवन के प्रति एक संपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।

इस त्योहार का मूल संदेश यह है कि समृद्धि तभी सार्थक है जब शरीर और मन स्वस्थ हों। धन की प्राप्ति के लिए किए जाने वाले प्रयासों में स्वास्थ्य की रक्षा को भी समान प्राथमिकता दी जानी चाहिए। भगवान धनवंतरी, जो आयुर्वेद के संस्थापक माने जाते हैं, का पूजन करना इसी सिद्धांत की पुष्टि करता है।

माना जाता है कि धनतेरस पर की गई पूजा और उपासना परिवार की कल्याण और सुरक्षा के लिए की जाती है। इसलिए इस त्योहार को मनाते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि सांसारिक वस्तुओं की प्राप्ति के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल को भी समान महत्व दिया जाए। यही धनतेरस का वास्तविक अर्थ है।