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धनतेरस पर शुक्रवार को प्रदोष काल, जानें पूजा का सटीक समय
इस वर्ष धनतेरस का पर्व शुक्रवार को मनाया जाएगा जब प्रदोष काल शाम 5:49 से रात 8:23 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह समय लक्ष्मी, कुबेर और धन्वंतरी की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।
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धनतेरस पर्व के अवसर पर इस बार करीब ढाई घंटे का विस्तृत प्रदोष काल मिलने वाला है। धार्मिक गणना के अनुसार शुक्रवार को शाम 5:49 बजे प्रदोष काल का शुभारंभ होगा जो रात 8:23 बजे समाप्त होगा। इस अवधि को धनतेरस पूजन के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय माना जाता है।
धनतेरस के दिन प्रदोष काल में लक्ष्मी देवी, धन के देवता कुबेर और औषधियों के देवता धन्वंतरी की पूजा की परंपरा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस समय की गई पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है और घर में समृद्धि तथा सुख-शांति लाती है।
धनतेरस का पर्व दिवाली से दो दिन पहले आता है और इसी दिन नए बर्तन, गहने और अन्य सामग्री की खरीदारी का रिवाज है। परिवारों को सलाह दी जा रही है कि वे इस निर्धारित प्रदोष काल में ही पूजा संपन्न करें ताकि धार्मिक महत्व और लाभ सर्वोत्तम रूप से मिल सके।