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धारवाड़ में पीओपी गणेश मूर्तियों पर प्रतिबंध, डीजे ध्वनि पर लगा जुर्माना
धारवाड़ जिला प्रशासन ने रासायनिक रूप से उपचारित सामग्री से बनी गणेश मूर्तियों के निर्माण, विक्रय और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है। अत्यधिक डीजे ध्वनि के लिए एक लाख रुपये तक का जुर्माना निर्धारित किया गया है।
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कर्नाटक के धारवाड़ जिले में प्रशासनिक अधिकारियों ने आने वाले गणेश चतुर्थी समारोहों को नियंत्रित करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिला प्रशासन ने प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) और अन्य रासायनिक रूप से उपचारित सामग्री से निर्मित गणेश मूर्तियों के निर्माण, विक्रय, भंडारण और उपयोग पर संपूर्ण प्रतिबंध घोषित किया है।
इस कदम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना है, क्योंकि पीओपी मूर्तियां जलाशयों और भूजल को प्रदूषित करती हैं। प्रशासन ने पारंपरिक मिट्टी की मूर्तियों के उपयोग को बढ़ावा दिया है, जो पूरी तरह बायोडिग्रेडेबल होती हैं और पर्यावरण के अनुकूल हैं।
इसके अलावा, जिला प्रशासन ने समारोहों के दौरान शोर प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भी नियम तैयार किए हैं। अत्यधिक डीजे ध्वनि के उपयोग पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। रात के समय संगीत प्रसारण के लिए भी विशेष नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
धारवाड़ प्रशासन ने स्थानीय समुदाय, व्यापारियों और आयोजकों से इन दिशानिर्देशों का पालन करने का आह्वान किया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों और संगठनों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि यह सख्त रुख गणेश चतुर्थी को पर्यावरण-अनुकूल और समाज के लिए कम बोझ वाला बनाएगा।