World · India Bureau
ध्रुव जुरेल के टैटू के पीछे पिता-दादा की भावुक विरासत
श्रीलंका के विरुद्ध दूसरे टेस्ट में शतक लगाने के बाद भारतीय बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने 'जय जवान, जय किसान' टैटू प्रदर्शित किया। यह टैटू उनके पिता और दादा की सैन्य व कृषि सेवा से जुड़ी गहरी विरासत को दर्शाता है।
LSN India ·
भारतीय क्रिकेटर ध्रुव जुरेल ने श्रीलंका के विरुद्ध खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में एक महत्वपूर्ण शतक जड़ा। अपनी शानदार पारी के बाद जुरेल ने अपनी बाइसेप्स पर बने 'जय जवान, जय किसान' टैटू को दिखाकर एक खास तरीके से उस पल को मनाया।
इस टैटू को प्रदर्शित करने के पीछे एक गहरी और भावुक कहानी है। जुरेल के पिता और दादा दोनों का गहरा संबंध राष्ट्र की सेवा से रहा है। उनके दादा की भारतीय सेना में सेवा और उनके पिता की कृषि क्षेत्र से जुड़ी प्रतिबद्धता इसी टैटू में प्रतिबिंबित होती है।
राष्ट्र के सर्वोच्च नेता द्वारा दिया गया यह प्रसिद्ध नारा 'जय जवान, जय किसान' भारतीय समाज के दो सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों को सम्मानित करता है। ध्रुव जुरेल ने इसी विचारधारा को अपने शरीर पर सदा रखने का निर्णय लिया है, जो उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह टैटू केवल एक निशान नहीं है, बल्कि जुरेल के लिए अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का माध्यम है। क्रिकेट के मैदान पर उनकी सफलताएं इसी विरासत और मूल्यों का प्रतिफलन हैं।