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राष्ट्रीय पोषण संस्थान का अध्ययन: आहार की गुणवत्ता का रिश्यूमेटॉयड आर्थराइटिस से सीधा संबंध

राष्ट्रीय पोषण संस्थान के नए शोध में आहार की गुणवत्ता और रिश्यूमेटॉयड आर्थराइटिस के बीच एक मजबूत जुड़ाव का पता चला है। यह अध्ययन संकेत देता है कि उचित पोषण इस जोड़ों की सूजन संबंधी बीमारी के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

LSN India · 7 October 2026

राष्ट्रीय पोषण संस्थान का अध्ययन: आहार की गुणवत्ता का रिश्यूमेटॉयड आर्थराइटिस से सीधा संबंध

राष्ट्रीय पोषण संस्थान द्वारा किए गए एक महत्वपूर्ण अध्ययन में यह निष्कर्ष निकला है कि आहार की गुणवत्ता रिश्यूमेटॉयड आर्थराइटिस के विकास और गंभीरता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अनुसंधान दल ने पोषण संबंधी कारकों और इस पुरानी स्वप्रतिरक्षी स्थिति के बीच गहरे संबंध की पहचान की है।

रिश्यूमेटॉयड आर्थराइटिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर के जोड़ों की परत पर हमला करती है, जिससे सूजन, दर्द और अक्षमता होती है। भारत में लाखों लोग इस रोग से प्रभावित हैं और इसके प्रबंधन के लिए समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है।

इस अध्ययन के निष्कर्षों के अनुसार, कम पोषक मूल्य वाले आहार रिश्यूमेटॉयड आर्थराइटिस की जटिलताओं को बढ़ाते हैं। विशेष रूप से, पर्याप्त विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार रोग की प्रगति को धीमा करने में मदद कर सकता है।

विशेषज्ञ इस बात पर बल देते हैं कि रिश्यूमेटॉयड आर्थराइटिस से पीड़ित रोगियों को चिकित्सा उपचार के साथ-साथ सुव्यवस्थित आहार योजना को अपनाना चाहिए। यह अध्ययन रोग प्रबंधन में पोषण की महत्ता को रेखांकित करता है और रोगियों को अपने स्वास्थ्य परिणामों में सुधार के लिए आहार संबंधी हस्तक्षेप पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित करता है।