LSN News › India

Business · India Bureau

राजनयिक संबंध सुधारने के बाद भी व्यापार संदेह से घिरा रहेगा

भारत-चीन संबंधों में सुधार की कोशिशों के बावजूद दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते नियामक बाधाओं, वीजा विलंब और औद्योगिक उपकरणों पर प्रतिबंधों से जूझ रहे हैं।

LSN India · 10 September 2026

राजनयिक संबंध सुधारने के बाद भी व्यापार संदेह से घिरा रहेगा

भारत-चीन के बीच राजनयिक संबंधों में सुधार की बातचीत चल रही है, लेकिन दोनों देशों का व्यापारिक क्षेत्र अभी भी गहरे संदेह और व्यावहारिक बाधाओं से जकड़ा हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि राजनीतिक स्तर पर दिए जाने वाले संकेत और जमीनी स्तर पर व्यापार की वास्तविकता के बीच एक बड़ी खाई बनी हुई है।

दोनों देशों की कंपनियों को निवेश संबंधी नियमों में बाधाएं, लंबे समय तक वीजा की प्रक्रिया और औद्योगिक उपकरणों पर लगे प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है। ये समस्याएं पिछले वर्षों में और गहरी हुई हैं, जिससे परस्पर सहयोग की संभावनाएं सीमित हो गई हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक दोनों सरकारें इन व्यावहारिक मुद्दों को हल करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक राजनयिक प्रयासों का आर्थिक क्षेत्र में पूरा लाभ नहीं मिल सकेगा। भारतीय और चीनी व्यापारियों की ओर से बार-बार शिकायतें आई हैं कि अनिश्चितता और विनियामक चुनौतियां दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक संबंधों को कमजोर कर रही हैं।

भारत-चीन व्यापार संबंधों में सुधार के लिए केवल उच्च स्तरीय वार्ता काफी नहीं है। दोनों देशों को व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करना होगा ताकि व्यापारी समुदाय और निवेशकों को आस्था और स्थिरता मिल सके।