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विकलांग व्यक्तियों के लिए संचार उपकरणों को आवश्यक घोषित करने की मांग
विकलांग चिकित्सकों का संगठन केंद्र से संचार सहायक उपकरणों और कृत्रिम अंगों को आवश्यक सहायक उत्पादों के रूप में वर्गीकृत करने का आग्रह कर रहा है। संगठन का कहना है कि वर्तमान वर्गीकरण बीमा और सार्वजनिक वित्तपोषण संबंधी अनिश्चितता पैदा कर सकता है।
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विकलांग चिकित्सकों का एक संगठन 'डॉक्टर्स विद डिसएबिलिटीज: एजेंट्स ऑफ चेंज' ने अपने सहायक उपकरणों को आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में लाने के लिए केंद्र सरकार से आह्वान किया है। संगठन ने विकलांग व्यक्तियों के अधिकार (संशोधन) नियम 2026 के मसौदे के तहत वैकल्पिक संचार उपकरण (एएसी डिवाइस) और कृत्रिम अंगों को आवश्यक सहायक उत्पाद के रूप में वर्गीकृत करने की मांग की है।
संगठन के अनुसार, इन उपकरणों का वर्तमान वर्गीकरण बीमा कवरेज और सरकारी वित्तीय सहायता संबंधी गंभीर अनिश्चितता पैदा कर रहा है। विकलांग व्यक्तियों के लिए ये संचार सहायक उपकरण और कृत्रिम अंग उनके दैनिक जीवन, शिक्षा और रोजगार में सक्रिय भागीदारी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
डॉक्टर्स विद डिसएबिलिटीज का तर्क है कि इन उपकरणों को आवश्यक घोषित करने से बीमा कंपनियों के लिए इनके कवरेज की स्पष्ट जिम्मेदारी तय होगी और विकलांग व्यक्तियों को सार्वजनिक वित्तपोषण के माध्यम से आसानी से ये उपकरण प्राप्त करने में मदद मिलेगी। संगठन का विश्वास है कि यह वर्गीकरण विकलांगता के साथ जीवन यापन करने वाले लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाएगा।